'शूटर' पर शिकंजा, फंदे में फिल्‍मकार

पंजाब में प्रतिबंधित फिल्‍म शूटर का पोस्‍टर। स्रोत : शोसल साइट
रिलीज के समय कोई न कोई हिंदी फिल्‍म विवादों में घिर जाती है। ऐसे में या तो उसपर पाबंदी लग जाती है या फिर कुछ काटछांट के बाद जब उसे दोबारा रिलीज किया जाता है कि तो वो सुपर हीट होती है। लेकिन इस बार बालीबुड की कोई फिल्‍म नहीं बल्कि पालीबुड यानि पंजाबी फिल्‍म 'शूटर' रिलीज से पहले प्रतिबंधित कर दी गई है। इससे पहले भी पंजाबी फिल्‍मों पर धार्मिक मामलों को लेकर पाबंदी लगती रही है। लेकिन यह पंजाबी भाषा की फिल्‍मों में पहला ऐसा मामला है जो किसी गैंगस्‍टर के जीवन पर फिल्‍म बनी है।  
  'शूटर' पर पंजाब सरकार को इस लिए रोक लगाना पड़ा कि यह फिल्‍म प्रदेश के कुख्‍यात गैंगस्‍टर सुक्‍खा काहलोवाला के जीवन पर आधारित है। 'शूटर' २१ फरवरी को रिलीज होने वाली थी और इसका प्रमोशन पिछले माह १८ जनवरी को हुआ था। यही नहीं फिल्‍म के निर्देश और प्रमोटर केवी सिंह ढिल्‍लों और फिल्‍म से जुड़े अन्‍य लोगों के खिलाफ मोहाली में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।  
  प्रदेश में फिल्‍म के प्रदर्शन और गानों पर रोक लगाने के पीछे सरकार का तर्क है कि वह ऐसे किसी भी फिल्‍म या गाने को चलाने की मंजुरी नहीं देगी जो अपराध व हिंसा को बढ़ावा देती हो।  बता दें कि फिल्‍म के निर्माता केवी ढिल्‍लों ने जब २०१९ में 'सुक्‍खा  काहलवां' पर फिल्‍म बनाने की घोषणा की थी तब उन्‍होंने विश्‍वास दिलाया था कि वह फिल्‍म में ऐसा कुछ नहीं दिखाएंगे जिससे हिंसा को बढ़ावा मिलता हो।  फिल्‍म पर पाबंदी को लेकर डीजीपी दिनकर गुप्‍ता, एडीजीपी इंटेलिलेंस ने मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक की।  इन अधिकारियों ने सरकार को बताया कि फिल्‍म बहुत ज्‍यादा हिंसक है।  इसका युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रदेश की कानून व्‍यवस्‍था भी बिगड़ सकती है। सुक्खा काहलवां एक गैंगस्टर था जो अपने आप को शार्पशूटर बताता था। गैंगस्‍टर सुक्‍खा कहलोंवाला की जालंधर कोर्ट में पेशी के बाद पटियाला के नाभा जेल लेजाते समय जनवरी २०१५ में गैंगस्‍टर  विक्‍की गौंडर और उसके साथियों ने फगवाड़ा के पास पुलिस हिरासत में अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी हत्‍या कर दी थी। हलांकि विक्‍की गौंडर भी पुलिस एनकाउन्‍टर में २०१९ में मारा जा चुका है। 
सवाल फिल्‍मकारों से
किसी गैंगेस्‍टर पर फिल्‍म बनना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी चोर-डाकूओं पर फिल्‍में बनती रहीं है। १९७३ में बनी शोले को उस दौर का सबसे हिंसक फिल्‍म बताया गया था। लेकिन क्षेत्रीय भाषा की फिल्‍मों में गैगेस्‍टर सुक्‍खा काहलोवां और विक्‍की गौंडर पर आधारित पंजाबी फिल्‍म 'शूटर' को शूट किया है वह हैरानी की बात है। सच्‍ची घटनाओं पर अधारित फिल्‍में बनती रहती है। शूटर से फिल्‍मकार समाज खास कर क्‍या संदेश देना चाहते हैं। जो छात्र समाज शास्‍त्र पढ़े होंगे उन्‍हें पता होगा कि एक चैप्‍टर अपराध और अपराधियों की प्रवृत्ति पर भी। इसमें मैकाइवर एवं पेजे लिखते हैं जेलों में बंद या जो गिरफ़त में नहीं है वह देखना चाहते हैं अखबार, रोडिया और संचार के अन्‍य साधन के संबंध कि कितना लिखते और छापते हैं। कहीं न कहीं यह फिल्‍म शूटर युवाओं पर गलत असर डालेगी।  
पंजाब में प्रतिबंधित की गई फिल्‍म शूटर का पोस्‍टर। स्रोत : शोसल साइट
कौन है सुक्‍खा काहलोंवाला और कैसे बना गैंगस्‍टर
पंजाब, राजस्‍थान और हरियाणा में आतंक का पर्याय रहे गैंगस्‍टर सुखबीर सिंह उर्फ सुक्‍खा काहलवां जालंधर जिले के करतारपुर तहसील के गांव काहलवां का रहने वाला था। सुखा अपने नाम के आगे सर नेम काहलवां अपने गांव के नाम पर रखा था।   गैंगस्टर सुक्खा के पिता सुदर्शन सिंह और माता  हरजिन्दर कौर दोनों एनआरआई हैं और वे अमेरिका में रहते हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गैंगस्टर सुक्खा पर ४० से अधिक मामले दर्ज़ थे।  इनमें दो हत्‍या, सात हत्‍या की कोशिश करने  और आठ लूट के मामले थे।
 सुखबीर सिंह सुक्खा की एक रिसोर्ट के मालिक की लड़की से शादी हुई थी, इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया चला गया था।  लेकिन, वहां जाने के बाद सुक्खा की अपनी  पत्नी के साथ कुछ अनबन हो गया। इसके बाद वह वापिस जालंधर आ गया। जालंधर आने के बाद सुक्खा गलत संगत में पड़ गया और यही से कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा का जन्म हुआ।

पंजाब में प्रतिबंधित की गई फिल्‍म शूटर का पोस्‍टर। स्रोत : शोसल साइट

चार बार पुलिस की गोली से बच निकला था सुक्‍खा
सुक्खा किस्मत का धनी था।  उसका चार बार पुलिस से सामना हुआ था। लेकिन वो हर बार पुलिस की गोली से बच जाता था। जालंधर पुलिस की हिरासत अक्टूबर २०१० में फरार होने के दौरान भी वो पुलिस की गोली से बच गया था।  इसके बाद रोपड़ में २०१२ में भी सुक्खा पुलिस की हिरासत से भाग निकला था। राजस्थान पुलिस से मुड़भेड़ के दौरान सुक्खा का एक साथी मारा गया था। लेकिन यहां पर भी किस्‍मत ने सुक्‍खा का साथ दिया और वो हर बार की तरह इस बार पुलिस की गोलियों से बच निकला था। 
यूपी के गैंगस्‍टर ने रेत दिया था सुक्‍खा का गला, फिर भी बच गया
बताया जाता है कि सुखबीर सिंह सुक्खा ने पूर्वी  उत्‍तर प्रदेश के मशहूर गैंगस्‍टर यामीन के साथ मिलकर लाखों रुपये का सोना लूटा था।  इस माल के बटवारे को लेकर दोनों में गैगवार हुई। इस गैंगवार मे यामीन ने सुक्खा का गला रेतकर उसे यमुना नदी में फेक दिया था। लेकिन, यहां भी किश्‍मत ने सुक्खा काहलोंवाला का साथ दिया और वह  बच गया था।
पुलिस हिरासत में गैंगस्‍टर गौंडर ने कर दी थी हत्‍या
 21 जनवरी 2015 को पंजाब के ही एक अन्‍य गैंगस्‍टर ने विक्‍की गौडर ने अपने 8-9 साथियों के साथ सुक्खा काहलवां की पुलिस हिरासत में गोली मार कर हत्‍या कर दी थी।  गैंगस्‍टर सुक्‍खा की हत्‍या उस समय हुई थी जब पटियाला पुलिस उसे जालंधर कचहरी में पेशी के बाद वापस पटियाला जिले के नाभा जेल ले जा रही थी। गौंडर पर भी पंजाब के विभिन्न जिलों में हत्‍या और लूट के करीब १४-१५ मामले दर्ज थे।
 पंजाब पुलिस के सिरदर्द थे सुक्‍खा और गौंडर
गैंगस्‍टर सुक्‍खा और गौंडर पंजाब, हरियाणा और राजस्‍थान पुलिस के लिए  सिरददर्द बन गए थे। सुख्‍या की हत्‍या के बाद  विक्की गौंडर क्राइम की दुनिया का बेजात बादशाह बन गया था। लेकिन जरायम की दुनिया में रहवने वालों की उम्र बहुत छोटी होती है। विक्की गौंडर  नाभा जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड था।  नाभा जेल से फरार होने के बाद पुलिस गौंडर की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।  पिछले साल पंजाब पुलिस को विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया के देर रात पंजाब-राजस्थान बॉर्डर स्थित अबोहर के हिंदू मलकोट में होने की सूचना मिली।  इसके बाद पुलिस ने विक्की गौंडर और उसके साथियों को देर रात घेर लिया।  इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में विक्की गौंडर अपने साथियों के साथ मारा गया।
सुक्‍खा काहलोंवाला और गौंडर में थी समानता
गैगस्‍टर सुक्‍खा और गौंडर दोनो एक दूसरे के जानी दुश्‍मन थे फिर भी इनमें एक समानता थी। दोनों ही शिक्षित और संभ्रांत परिवारों से थे। और इन दोना का ही संबंध जालंधर से था। एक जालंधर के  स्पोर्ट्स  कॉलेज का स्‍टूडेंट था तो दूसरा जालंधर जिले का रहने वाला था। और  दोनों ने ही गलत शोहत में पड़ कर जरायम की दुनिया में कदम रखा था। 
बता दें कि पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड विक्की गौंडर एक जमाने में डिस्क थ्रो का बेहतरीन खिलाड़ी हुआ करता था। गौंडर के सहपाठियों के मुताबिक वह इंटरनेशनल स्टार बनने का सपना लिए अबोहर के सरावां बोदला का साधारण स्टूडेंट विक्की जालंधर के स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचा था. डिस्क थ्रो में उसकी महारत थी। विक्‍की कई मैडल जीत चुका था. मगर यहां गलत संगत ने उसे विक्की से मोस्‍टवांटेड विक्की गौंडर बना दिया।
दो सप्‍ताह पहले पंजाबी सिंगरों पर भी दर्ज हो चुके हैं केस
पंजाब के लोक गायकों का भी विवादों से नाता रहा है।  यहां के गानों में शहरा और हथियों जैसे शब्‍दों का बेताहाशा इस्‍तेमाल होता है।  करीबद दो सप्‍ताह पहले  पंजाबी सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला और मनकीरत औलख के खिलाफ भी अपने गाने के जरिए गन हिंसा और क्राइम फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया जा चुका है। 
डॉ: अमनदीप 
डॉ: संदीप कौर

पंजाब सरकार का फैसला स‍ही
मनोचिकित्‍सक डॉ: अमनदीप कौर और डॉ: संदीप कौर 'शूटर' पर प्रतिबंध लगाए जाने के पंजाब सरकार के फैसले को जायज ठहराया है।  उनका कहना है कि फिल्‍में समजा का आइना हैं।  फिल्‍म के निर्माता, निर्देशक और लेखकों विषयों का चयन करने से पहले उसका समाज और युवाओं पर पड़ने वाले असर का भी अध्‍ययन करना चाहिए। 
दुर्गेश मिश्र
संपर्क नं : ९४१७९५६१६४